किन्नर; transgender

किन्नर के रहस्य
 दोस्तों इंसान की पहचान है ही उसकोो रहने वजूद को जगह देतीी है लेकिन जब पहचान ही परेशानी और दाग काा कार बन जाए तो जीना मुश्किल कर देती है फिर उनकी तो सबसे बड़ी़े परेशानी यह हैै कि उन्हें पूरा समाज ना तो मर्द मानता है और नाही औरत

किन्नरों की शादी किन्नरों की मौत किन्नरों की शव यात्रा कैसे निकाली जाती है
दोस्तों समाज के बनाए दस्तूर मैं दो ही जेंडर बनाए गए हैं यूं कहें कि आप याद तो मर्द हो सकते हैं या तो औरत
लेकिन देश की सबसे बड़ी अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए देश को तीसरा जेंडर दे  दिया है अब देश में मौजूद 5000000 से भी ज्यादा किन्नरों को तीसरे जेंडर मैं शामिल कर लिया गया है
दोस्तों हमने ज्यादातर किन्नरों को भीड़ में या कभी सड़क पर या घर के किसी आंगन में या तो यूं कहें कि किसी महफ़िल में तालियां पीटते या ढोलक पर थाप लगाते हुए देखा होगा उन चेहरों को अपने कई बार देखा होगा वह है जो जब जब सामने आते हैं नजरें ना चाहते हुए भी उन पर टिक जाती हैं यह उनकी पहचान कुछ ऐसी बनी हुई है या तो हर इंसान इन से पीछा छुड़ाना चाहता है या तो पास में ही नहीं आने देता पड़ जाते हैं तो इन से पीछा छुड़ाना आसान नहीं होता दुनिया में और दुनिया के साथ-साथ हिंदुस्तान में भी अब तक दो जेंडर यानी कि मर्द या औरत को तमाम जरूरी पहचान हक सुविधाएं अधिकार दिए गए थे दोस्तों अब सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया है कि उसके आते ही अचानक तीसरे जेंडर ने जन्म ले लिया है पिछड़ी जातियों के सामने अधिकार दिया है दोस्तों अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिक्षा स्वास्थ्य नौकरी सभी शामिल है इतना ही नहीं बच्चा गोद लेने का अधिकार देने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जेंडर बदलकर औरत या मर्द बनने का भी अधिकार दीय है अपने इस अधि कार के लिए किन्नर बिरादरी बरसों से लड़ रही थी
दोस्तों 1871 मैं पहले तक भारत मैं किन्नरों को ट्रांसजेंडर का अधिकार मिला हुआ था मगर 1871 मैं अंग्रेजों ने किन्नरों को क्रिमिनल ट्रांस यानी चरायम पेशा जनजाति की श्रेणी में डाल दिया था बाद में जब हिंदुस्तान आजाद हुआ तब नया संविधान बना तो 1951 मैं किन्नरों को क्रिमिनल ट्रांस से  निकाल दिया गया

दोस्तों हम आपको बताएंगे किन्नरों की 1 दिन की शादी का रहस्य

दोस्तों इसका रहस्य महाभारत काल से जुड़ा है दरअसल द्रोपदी पांच पांडव की अकेली पत्नी थी इसीलिए द्रोपति के साथ रहने के लिए कुछ नियम कानून बनाए गए थे जो कि पांचों पांडवों के ऊपर लागू होते थे लेकिन अर्जुन ने एक नियम का उल्लंघन कर दिया था जिसके चलते उन्हें 1 साल का निष्कासन जिला पड़ा अपने इस निष्कासन के दौरान अर्जुन एक यात्रा पर चल पड़े इसी यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात एक विधवा नागकन्या से हुई और उन्हें उसना कन्या से प्रेम हुआ फिर वहां पर उन्होंने उस नाग कन्या से शादी की कुछ समय नागकन्या के साथ रहे फिर उनका एक बालक हुआ अपने बालक और अपनी पत्नी को छोड़कर अर्जुन वापस आ गए नागलोक में वह लड़का बड़ा होकर रावल के नाम से प्रसिद्ध हुआ फिर वह बड़ा होकर अपने पिता के पास वापस चला गया जब महाभारत का युद्ध होने वाला था तब पांचों पांडवों को मां काली का आशीर्वाद विजय होने के लिए एक महाकाली पूजा का आयोजन पांच पांडवों के द्वारा किया गया काली की पूजा के समय में किसी राजकुमार की बलि देनी थी तब रावल सामने आए पर उन्होंने एक शर्त रखी उन्होंने बोला कि मैं कुंवारा नहीं मरना चाहता तब पांचों पांडवों ने एक वधू की तलाश करना शुरू किया पर कोई भी कन्या 1 दिन के लिए दुल्हन बनना नहीं चाहती थी इस विपरीत परिस्थिति में श्री कृष्ण जी मोहिनी का रूप धारण करके पांडव नगरी में प्रवेश किया उनका मोहिनी रूप कितना आकर्षक था कि सभी उन पर मोहित होने लगे तब पांडव ने अरावल से शादी का प्रस्ताव रखा मोहिनी के सामने मोहिनी ने हां कर दिया दोनों की रीति-रिवाजों के साथ शादी हुई ठीक शादी होते ही दूसरे दिन रावल की बलि दे दी गई मोहिनी का रो रो कर बुरा हाल हो गया मोहिनी ने  विधवा विलाप करना शुरू कर दिया
यहीं से शुरू हुई किन्नरों की 1 दिन की शादी क्योंकि भगवान श्री कृष्ण जी एक पुरुष थे और उन्होंने नारी का निर्धरण किया था उन्होंने मोहिनी रूप धारण करके अरावल से शादी की थी यह घटना किन्नरों की जीवन की महत्वपूर्ण घटना बन गई
इस घटना ने किन्नरों की जीवन में एक महत्वपूर्ण परंपरा का भाग प्रस्तुत कर दिया इस परंपरा के अनुसार किन्नर साल की एक दिन अरावल से शादी करती हैं सारे किन्नर एक साथ दुल्हन की तरह खूबसूरत सस्ते हैं फिर सभी एक साथ दूसरे दिन विधवा विलाप करते हैं

किन्नरों की मौत और किन्नरों की शव यात्रा
दोस्तों जब किन्नर की मौत होती है तब उन्हें किसी गैर किन्नर को नहीं दिखाया जाता ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने पर वह अगले जन्म में किन्नर ही पैदा होगा इसीलिए किन्नर का अंतिम संस्कार अर्ध रात्रि को गोपनीय तरीके से किया जाता है दोस्तों हम आपको बता दें किन्नर मुर्दे को जलाते नहीं हैं देख किन्नर मुर्गे को दफना देते हैं दोस्तों किन्नर बरादरी में कई रहस्य भरे पड़े हैं हम अब तक वही लाते हैं जो हम समझ सकते हैं


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